Rto office dehradun. Online driving licence registration launched 2018-08-02

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Not many takers for RTO's online driving licence application

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पुलिस को बुलाना पड़ा इस पर कब्जा करने आए लोगों ने उन्हें डीएम के आदेश का कागज दिखाया। मामला बढ़ता देख पुलिस को बुलाना पड़ा। बड़ी मुश्किल से पुलिस ने कब्जा करने आए लोगों को वहां से हटाया। आरटीओ ने कब्जा करने आए लोगों के खिलाफ पुलिस में तहरीर दी है। रविवार सुबह करीब आठ बजे छह-सात लोग विपुल नौटियाल नामक व्यक्ति की अगुवाई में एक गाड़ी में लदकर आरटीओ दफ्तर पहुंच गए। आरटीओ कार्यालय के पीछे जहां पर नंबर प्लेट लगाने का काम किया जाता है उस जमीन पर दीवार और गेट लगाने लगे। इसकी जानकारी तुरंत आरटीओ के अधिकारियों को दी गई। मामले की खबर मिलते ही एआरटीओ संदीप सैनी मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। आरटीओ को भी मामले की जानकारी दी। अधिकारी कब्जा करने आए लोगों की दबंगई देकर दंग रह गए। उनकी समझ में नहीं आ रहा था कि जिस जमीन को वह वर्षों से अपनी समझ रहे थे वह किसी और की कैसे हो सकती है? These vans are all private vehicles, without any proper driver and manuals. During these years no step has been taken from your esteemed office to keep a check on such vehicles. Yellow Board A, B, C, D These four letters are reserved for all types of commercial vehicles. T The letter T is reserved for tractors. .

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Regional Transport Office(RTO)Dehradun Enquiry No. 0135

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The Corporation of Uttarakhand began to work on 31 October 2003 and is providing services on nationalized routes as well as on interstate routes. Unsourced material may be challenged and removed. Archived from on 6 June 2014. Hospital, Chanakya Puri, Parliament St. As Uttarakhand State came into existence along with the Transport Department of Uttarakhand, headed by the Transport Commissioner, Uttarakhand. I, O These two letters are not offered as they can lead to confusion with 1 One and 0 Zero.

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Not many takers for RTO's online driving licence application

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Archived from on 7 June 2014. Most of the vehicles are overloaded without any fitness, and a few of the drivers dont even hold a valid driving licence. पुलिस को बुलाना पड़ा इस पर कब्जा करने आए लोगों ने उन्हें डीएम के आदेश का कागज दिखाया। मामला बढ़ता देख पुलिस को बुलाना पड़ा। बड़ी मुश्किल से पुलिस ने कब्जा करने आए लोगों को वहां से हटाया। आरटीओ ने कब्जा करने आए लोगों के खिलाफ पुलिस में तहरीर दी है। रविवार सुबह करीब आठ बजे छह-सात लोग विपुल नौटियाल नामक व्यक्ति की अगुवाई में एक गाड़ी में लदकर आरटीओ दफ्तर पहुंच गए। आरटीओ कार्यालय के पीछे जहां पर नंबर प्लेट लगाने का काम किया जाता है उस जमीन पर दीवार और गेट लगाने लगे। इसकी जानकारी तुरंत आरटीओ के अधिकारियों को दी गई। मामले की खबर मिलते ही एआरटीओ संदीप सैनी मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। आरटीओ को भी मामले की जानकारी दी। अधिकारी कब्जा करने आए लोगों की दबंगई देकर दंग रह गए। उनकी समझ में नहीं आ रहा था कि जिस जमीन को वह वर्षों से अपनी समझ रहे थे वह किसी और की कैसे हो सकती है? दफ्तर वर्ष 1964 से चल रहा विपुल नौटियाल ने संदीप सैनी को डीएम के आदेश की प्रति दिखाई। उसका दावा था कि यह जमीन अब उसकी है। संदीप सैनी ने विपुल नौटियाल को समझाने की कोशिश की कि यह जमीन आरटीओ की है। इस जगह पर आरटीओ का दफ्तर वर्ष 1964 से चल रहा है। वर्ष 2001 में आरटीओ के भवन का निर्माण किया गया है। दस बीघा 14 बिस्वा जमीन की रजिस्टरी आरटीओ के नाम है। ऐसे में जमीन उनकी कैसे हो सकती है। संदीप सैनी के बातों का विपुल पर कोई असर नहीं हुआ। उसका एक ही कहना था कि यह जमीन अब उसकी है। इस पर कब्जे का आदेश डीएम ने दिया है। वह कब्जा करके ही जाएगा। पुलिस ने विपुल नौटियाल को बहुत समझया। उससे कहा गया कि यदि जमीन उसकी है तो वह पहले इसकी पैमाइश कराए। यदि उसकी जमीन यहां निकलेगी तो उसे कब्जा दिया जाएगा। मामले की जांच पड़ताल के बिना वह किसी की जमीन को अपनी नहीं बता सकता। संदीप सैनी ने बताया कि विपुल नौटियाल के खिलाफ पुलिस में तहरीर दी गई है। कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जरूरत है। आखिर इतने सालों बाद कोई कैसे अचानक इस जमीन पर अपना हक जताने लगा। उन्होंने मामले में किसी साजिश की आशंका भी जताई। अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी , और के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।. Thanking you, Dear Sir, This is to bring to your notice that in Mussoorie, Distt. Kindly look in the matter and stop them from taking advantage and spoiling nature and environment distruction.

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Dehradun, School vans are being operated. These are broken down to or and their districts. Also buses are registered here. F The letter F is reserved for Buses including subsidiaries. For any queries regarding this website please contact. M, N, P, Z These letters are reserved for private cars.

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Also re-registered vehicles whose original number was from 1 to 100 now retained by the original buyer for his new vehicle or government auctioned vehicles and others are getting numbers from this series. Headed by the Transport Commissioner U. P, when Uttarakhand was a part of U. Puram, Sarojini Nagar, Vasant Kunj, Delhi Cantt. Yellow Board E, H, J, K, L, Q, R, S, U, V, W, X, Y These letters are reserved for two wheelers.

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Dehra Dun RTO Office Address , Contact phone number and location map in Uttarakhand

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G The letter G is reserved for all karnataka government vehicles including police, ministers etc. दफ्तर वर्ष 1964 से चल रहा विपुल नौटियाल ने संदीप सैनी को डीएम के आदेश की प्रति दिखाई। उसका दावा था कि यह जमीन अब उसकी है। संदीप सैनी ने विपुल नौटियाल को समझाने की कोशिश की कि यह जमीन आरटीओ की है। इस जगह पर आरटीओ का दफ्तर वर्ष 1964 से चल रहा है। वर्ष 2001 में आरटीओ के भवन का निर्माण किया गया है। दस बीघा 14 बिस्वा जमीन की रजिस्टरी आरटीओ के नाम है। ऐसे में जमीन उनकी कैसे हो सकती है। संदीप सैनी के बातों का विपुल पर कोई असर नहीं हुआ। उसका एक ही कहना था कि यह जमीन अब उसकी है। इस पर कब्जे का आदेश डीएम ने दिया है। वह कब्जा करके ही जाएगा। पुलिस ने विपुल नौटियाल को बहुत समझया। उससे कहा गया कि यदि जमीन उसकी है तो वह पहले इसकी पैमाइश कराए। यदि उसकी जमीन यहां निकलेगी तो उसे कब्जा दिया जाएगा। मामले की जांच पड़ताल के बिना वह किसी की जमीन को अपनी नहीं बता सकता। संदीप सैनी ने बताया कि विपुल नौटियाल के खिलाफ पुलिस में तहरीर दी गई है। कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जरूरत है। आखिर इतने सालों बाद कोई कैसे अचानक इस जमीन पर अपना हक जताने लगा। उन्होंने मामले में किसी साजिश की आशंका भी जताई। विज्ञापन अधिकारी आनन-फानन में कार्यालय पहुंचे तो देखा छह सात लोग दफ्तर में दीवार और गेट लगाने का काम कर रहे हैं। पूछने पर कब्जा करने आए लोगों ने बताया कि यह उनकी जमीन है। आरटीओ के अधिकारियों ने जब उन्हें यह बताया कि दफ्तर वर्ष 1964 से चल रहा है। इसकी रजिष्टरी उनके नाम है। ऐसे में जमीन उनकी कैसे हो सकती है? © State Transport Department, Government of Uttarakhand. . . .

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State Transport Department , Government Of Uttarakhand, India

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District Wise List Of Uttarakhand RTO Registration Numbers

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